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फिनायल बनाने का व्यवसाय Phenyl making Process, business, Raw Material Info

फिनायल बनाने का व्यवसायः- {Phenyl making business}

फिनायल बनाने का व्यवसाय काफी कम पूँजी में प्रारम्भ किया जा सकता है। इस व्यवसाय को बहुत ही सरलता के साथ अपने घर पर स्वयं तैयार किया जा सकता है। फिनायल एक ऐसी वस्तु है जिसकी आवश्यकता लगभग प्रत्येक घर में निरन्तर बनी रहती है जिसके कारण फिनायल की मांग हमेशा बाजार में बनी रहती है, अतः यह उत्पाद आसानी से बिक जाता है। आइये जानते हैं कि फिनायल की आवश्यकता कहाँ-कहाँ होती है?

फिनायल की उपयोगिताः-

1- घरेलू इस्तेमाल मेः- घरों मे फिनायल का सर्वाधिक इस्तेमाल शौचालय में बैक्टीरिया विरोधी के रुप में किया जाता है, इसके अलावा फर्श की धुलाई हो जाने के बाद पानी के साथ हल्का सा फिनायल मिलाकर छिड़काव किया जाता है। इसके अलावाँ घर के स्नानघर में बने हुए नाबदानों के मुँह पर घर की महिलाओं के द्वारा समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा फिनायल गिरा दिया जाता है जिससे नालियों से दुर्गन्ध नहीं आती साथ ही साथ नालियाँ भी कीटाणुमुक्त रहती हैं जिससे नाना प्रकार के रोगों की रोकथाम सहज ही किया जा सकता है और जीवन को स्वस्थ रखा जा सकता है।

2- चिकित्सा के क्षेत्र मेः- देश के सभी चिकित्सालयों में फिनायल का प्रयोग अनिवार्य रुप से किया जाता है। ऐसा प्रायः देखा जाता है कि अस्पतालों एवं चिकित्सालयों में साफ सफाई होते समय (विशेषतः मूत्रालयों में सफाईकर्मियों के द्वारा नियमित अन्तराल पर) फिनायल का इस्तेमाल होता रहता है एवं कीटाणुमुक्त व दुर्गन्ध न पनपे, इसके लिये फिनायल की कुछ बूँदों का अनवरत प्रयोग होता रहता है। दुकानों में भी लोग साफ-सफाई के बाद हल्की मात्रा में फिनायल का इस्तेमाल करते हैं जिससे दुकान का भी वातावरण प्रदूषणमुक्त होता है।

3- पशु चिकित्सा के क्षेत्र मेः- जिस स्थान पर पशु मर गया हो उस स्थान पर फिनायल का छिड़काव कर देने से अन्य पशु गलाघोंटू रोग से ग्रसित होने से बच जाते हैं, इसके अलावाँ पशुओं मे जब खुरपका रोग हो जाता है तो दिन में दो तीन बार घाव की धुलाई फिनायल से कर देने पर घाव जल्दी ठीक हो जाता है तथा पशु आवास को साफ सुथरा रखने के लिये फिनायल को कीटनाशक दवा के रुप में इस्तेमाल किया जाता है। दुधारु पशु में थनैला रोग (पशु की छाती में छिद्र हो जाता है एवं गाँठ बनकर घाव बन जाता है) हो जाने पर गौशाला को नियमित साफ-सुथरा रखने में फिनायल की आवश्यकता पड़ती है।

4- सरकारी व गैर सरकारी स्कूल कालेजों के प्रयोगशाला मेः- सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में सफाई की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखनें में फिनायल महती भूमिका निभाता है इसका कारण यह है कि विद्यालय ऐसे सार्वजनिक स्थान होते हैं जहाँ पर भारी संख्या में लोग शौचालयों एवं मूत्रालयों का प्रयोग करते हैं। सफाई न रहने की दशा में छात्र एवं छात्रा अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं जिसमें कुछ जानलेवा बीमारियाँ भी सम्मिलित हैं ऐसी दशा में फिनायल की उपयोगिता कुछ ज्यादा ही महसूस की जाती है क्योंकि फिनायल एक ऐसा कीटनाशक घोल होता है जो आसानी से एवं सस्ते मूल्य पर सुविधाजनक तरीके से प्रयोग किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त रसायन शास्त्र के अन्तर्गत छात्रों के द्वारा प्रयोगशाला में फिनायल की सहायता से अन्य कार्बनिक यौगिक बनाने में प्रयोग किया जाता है और साथ ही साथ स्कूल कालेंजों की नालियों एवं शौचालयों में भी फिनायल का उपयोग किया जाता है। इसका रसायनिक सूत्र C6H5OH है।

5- गाँव, देहात, शहर, एवं नगरों में कीटनाशक के रुप मेः-  घरों में शिक्षित एवं जागरुक महिलाओं के द्वारा फर्श पर पोंछा लगाने से पहले पानी में दो ढक्कन फिनायल डालकर पोंछा लगाया जाता है जिससे उन घरों के नन्हे-मुन्ने बच्चे अनेक प्रकार की बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं, साथ ही साथ कमरे का वातावरण भी प्रदूषणमुक्त हो जाता है।

फिनायल बनाने की विधिः-

इसके लिये आपको बाजार से सिर्फ एक लीटर कन्सन्ट्रेटेड फिनायल खरीदना होता है ( इसके बारे में गूगल पर सर्च करें तो आपको हजारों कम्पनियाँ मिल जायेंगी जो कन्सन्ट्रेटेड फिनायल बनाती हैं) इस एक लीटर कन्सेन्ट्रेटेड फिनायल में 13 लीटर पानी की मात्रा मिलाकर तैयार किया जाता है। इसके बाद किसी सुविधाजनक एवं सुरक्षित माध्यम (जैसे कि कोई बड़ा बर्तन), जिसमें फिनायल को बड़ी आसानी से खूब हिलाया जा सके। थोड़ी ही देर में आपका फिनायल तैयार हो जाता है, तत्पश्चात एक लीटर एवं 500 मिलीलीटर के प्लास्टिक अथवा शीशे के बोतल में पैक करके बाजार में बड़ी सरलता के साथ तेजी से बेंचा जा सकता है। बोतल पर आप अपनी कम्पनी की ब्रांडिग अर्थात् अपने अनुसार कम्पनी का नाम छपवा सकते हैं जिससे बाजार में आपके कम्पनी की पहचान कायम हो सके और लोग धीरे-धीरे आपसे आत्मीयता के साथ जुड़ सकें। आप इस कारोबार का प्रारम्भ कम से कम पूँजी में भी कर सकते हैं।

लागत एवं खर्च मात्र 5000 रुपये मेः-

एक लीटर कन्सन्ट्रेटेड फिनायल = 100 रुपये,          निर्माण = 13 लीटर अर्थात् 13 बोतल फिनायल
एक लीटर फिनायल का बाजार भाव = 40 रुपये        तो 13 बोतल का मूल्य 520 रुपये होगा
पैकिंग खर्च 5 रुपये प्रति बोतल = 65 रुपये
अन्य लागत 20 रुपये
कुल खर्च = 200 रुपये लगभग                      कुल लाभ 520 – 200 = 320 रुपये

स्मार्ट आइडियाः- फिनायल के व्यवसाय को प्रारम्भ करते हुए एवं बाजार में इसकी जानकारी मिलने के बाद इससे मिलते जुलते उत्पाद जैसे टायलेट क्लीनर, (जैसे हार्पिक) हैंडवाश लिक्विड, मल्टीक्लीनर का निर्माण एवं पैकिंग के जरिये इस तरह के व्यवसाय को प्राथमिक स्तर से ऊपर उठाते हुए क्रमिक रुप से सफलता की नई ऊँचाईयों को प्राप्त किया जा सकता है। पहले इस व्यवसाय की शुरुआत अपनी छोटी पूँजी से करते हुए धैर्य और परिश्रम के द्वारा बड़ी पूँजी में परिवर्तित किया जा सकता है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि आपको ज्यों-ज्यों सफलता मिलती चली जायेगी त्यों-त्यों आपका उत्साह भी बढ़ता जायेगा और व्यवसाय पर पूरी तरह आपका नियन्त्रण हमेशा बना रहेगा।

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About the author

Shakti Mishra

Shakti Mishra is a business man by profession, YouTuber by passion and a blogger. He was homeless staying on footpath of Bangalore city. After success in business, he has started working for unemployed people in his country to create more jobs & provide business ideas to people.

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