Toilet Cleaner Making Business ट्वायलेट क्लीनर बनाने का व्यवसायः-

ट्वायलेट क्लीनर बनाने का व्यवसायः- Toilet Cleaner Making Business

मित्रों आज हम इस लेख के माध्यम से टॉयलेट क्लीनर निर्माण के बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे। जैसे- किन-किन वस्तुओं के मिश्रण से टॉयलेट क्लीनर का निर्माण किया जा सकता है, इसके निर्माण में कितने लागत की सम्भावना होती है, कितने स्थान में टॉयलेट क्लीनर का व्यवसाय सफलतापूर्वक शुरु किया जा सकता है, इसके निर्माण की प्रक्रिया क्या है, कौन-कौन से कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करना आवश्यक होता है, इस प्रकार के व्यवसाय में व्यक्ति को किस प्रकार और कितना मुनाफा हो सकता है, बने हुए टॉयलेट क्लीनर की पैकिंग कैसे होती है, निर्मित टॉयलेट क्लीनर को बाजार में उतारने के लिये और विक्रय हेतु क्या-क्या आवश्यक कदम उठाने पड़ते हैं आदि सभी बातों को जानने के लिये आप गम्भीरतापूर्वक इस लेख को ध्यान से पढ़ लें।

टॉयेलेट क्लीनर की उपयोगिता कभी समाप्त नहीं होगी

टॉयलेट क्लीनर एक ऐसा घरेलू उपकरण है जिसका प्रयोग एवं उपयोग दिन प्रतिदिन सिवाय बढ़ने के कम नही हो सकता है। इसका कारण यह है कि समय गुजरने के साथ ही जनसंख्या मे लगातार वृद्धि हो रही है। जनसंख्या बढ़ने के परिणामस्वरुप लोगों को निवास हेतु नये-नये भवनों की आवश्यकता पड़ रही है और वर्तमान परिवेश में कोई ऐसा घर नही बनता जिसमें शौचालय न बने हुए हों बल्कि कुछ घरों में तो शौचालयों की संख्या तीन चार या पाँच रहती है। अब इन शौचालयों को साफ एवं सुव्य़वस्थित रखने हेतु टॉयलेट क्लीनर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, कारण कि यह आसानी से स्थानीय बाजारों मे उपलब्ध होता है, कम पैसे में मिल जाता है तथा इसका प्रयोग काफी आसान व सुविधाजनक होता है। इतना ही नहीं बड़े-बड़े महानगरों में, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, अस्पताल तथा सार्वजनिक जगहों पर बने हुए सामुदायिक शौचालयों को भी स्वच्छता प्रदान करने के लिये टॉयलेट क्लीनर लोगों का महत्वपूर्ण संसाधन है। इसके लोकप्रिय होने का एक कारण यह भी है कि इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया इतनी सहज है कि सामान्य रुप से पढ़ा लिखा व्यक्ति अथवा बिना पढ़ा लिखा व्यक्ति या महिलायें बगैर कठिनाई के प्रयोग कर सकती हैं।

टॉयलेट क्लीनर निर्माण के लिये आवश्यक सामग्री (कच्चा माल)

टॉयलेट क्लीनर निर्माण में निम्न आवश्यक सामग्री की आवश्यकता होती है। (एक लीटर टॉयलेट क्लीनर बनाने के लिये)
1- 800 ग्राम पानी         2- थोड़ा सा कलर          3- कलर मिलाने के लिये ब्रश
4- 30 ग्राम एसिड थिकनर    5- एक चौड़े मुँह के प्लास्टिक की बकेट
6- 200 ग्राम एसिड         7- पैकेजिंग के लिये निर्धारित आकार के खाली डिब्बे
यह एक ऐसा व्यवसाय है जो महज दस हजार रुपये में आसानी से शुरु किया जा सकता है।

कच्चे माल की खरीददारी कैसे और कहाँ से करें।
ऊपर दी गयी जितनी भी सामग्रियाँ हैं वह बड़ी आसानी से स्थानीय बाजारों में उपलब्ध होती हैं जहाँ से आप बड़ी सरलता से इनकी खरीददारी कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त गूगल में सर्च करके आनलाईन बड़ी ही सहजता से खरीददारी कर सकते हैं।

टॉयलेट क्लीनर निर्माण की प्रक्रिया एवं विधिः-

यदि हम एक लीटर टॉयलेट क्लीनर निर्माण की मात्रा की बात करें तो इसके लिये हमको 800 ग्राम पानी की आवश्यकता होती है। इस पानी को एक चौड़े मुँह के प्लास्टिक के बकेट में डाल देते हैं इसके बाद इसको रंगीन बनाने के लिये थोड़ा सा कलर मिलाते हैं और पानी में रंग को अच्छी तरीके से मिश्रित करने के लिये प्लास्टिक के बने हुए ब्रश से भली प्रकार घुमा-घुमाकर मिला देते हैं फिर इसी घोल में 30 ग्राम एसिड थिकनर डाल देते हैं। पुनः ब्रश की सहायता से भली भाँति एसिड थिकनर को घोल में मिला देते हैं। इसके बाद तैयार घोल में दो सौ ग्राम एसिड डालते हैं और ब्रश की सहायता से घोल में एसिड को भी फेट देते हैं। चूँकि इस घोल निर्माण की प्रक्रिया में एसिड का भी प्रयोग होता है। अतः नंगे हाथों से घोल को न मिलाना ही ज्यादा ठीक है। इसके साथ ही साथ तैयार घोल को बच्चों की पहुँच से दूर रखें ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। घोल को मिलाने की प्रक्रिया निर्धारित समयान्तराल पर करते रहें जब यह एहसास होने लगे कि घोल गाढ़ा हो चुका है और इससे अच्छी खुशबू आने लगे तब यह समझ लेना चाहिये कि हमारा टॉयलेट क्लीनर बनकर तैयार है।

बने हुए टॉयलेट क्लीनर के घोल को 250 ग्राम, 500 ग्राम अथवा 1 लीटर के खाली डिब्बों में पैकिंग की प्रक्रिया शुरु करते हैं। यदि आप चाहें तो आप के नाम की ब्रांडिंग वाले स्टीकर लगे हुए टॉयलेट क्लीनर के डिब्बे मिल जायेंगे बस इसके लिये आपको पहले से डिब्बा तैयार करने वाली कम्पनियों से सम्पर्क साधकर इसकी पूर्व सूचना देनी होगी।

कानूनी प्रक्रिया एवं स्थान का चुनावः-

कोई भी व्यवसाय शुरु करने से पहले बुद्धिमान व्यक्ति उस व्यवसाय से सम्बन्धित सारी विधिक प्रक्रियाओं को भली-भाँति पूरा कर लेता है जिससे व्यवसाय प्रारम्भ करने पर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
इसके लिये यह आवश्यक है कि उद्योग आधार में अपने व्यवसाय का पंजीकरण करा लें। इसका पंजीयन आनलाईन होता है एवं निःशुल्क होता है। इसके साथ ही साथ वस्तु एवं सेवा कर (जी0 एस0 टी0) में भी पंजीयन करा लें।
अपने व्यवसाय के नाम की पक्की रसीद अवश्य बनवा लें।
हार्पिक के व्यवसाय को शुरु करने के लिये आप अपने सामर्थ्य के अनुसार छोटे अथवा बड़े कमरे या बरामदे (हाल) का चुनाव कर सकते हैं फिर आवश्यकतानुसार व्यवसाय को बढाने के क्रम में स्थान का आकार प्रकार उसी अनुपात में बढ़ाते चले जाते हैं।

http://candacenkoth.com/?q=is-viagra-sold-over-the-counter-in-canada स्मार्ट आइडियाः- दोस्तों, कुछ कर गुजरने के लिये परिश्रम और हौसले की बड़ी जरुरत होती है बिना कुछ किये तो साँस भी अन्दर जाने से कतराती है। आज आवश्यकता इस बात की है कि दूर देशों में नौकरियों की तलाश में भटकने के बजाय अपने देश, अपने लोगों के बीच रहकर कुछ ऐसा किया जाय जिससे अपनी आजीविका बड़ी सुगमता से चलायी जा सके और दूसरों को भी इस बात के लिये प्रेरित किया जा सके। जिस प्रकार गोताखोर अथाह समुद्र में गोता लगाकर मोती निकाल लाते हैं जबकि किनारे पर बैठने वाले लोग हाथ पर हाथ धरे रह जाते हैं। मेरे कहने के मतलब यह है कि जब तक व्यक्ति किसी भी कार्य को करने के लिये तत्पर नही होगा तब तक सफलता उसके हाथ नही लगने वाली।

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