Manufacturing business idea

साबुन बनाने का व्यवसाय Toilet Soap Making Business

साबुन बनाने का व्यवसाय Toilet Soap Making Business

दोस्तों, आज इस लेख के माध्यम से हम आपको एक लघु उद्योग के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देने जा रहे हैं। यह लघु उद्योग साबुन बनाने से सम्बन्धित है हम इस व्यवसाय को किस प्रकार प्रारम्भ कर सकते हैं, किस प्रकार की लागत आती है, किस प्रकार के कच्चे माल की आवश्यकता होती हैं, इससे जुड़ी मशीनरी एवं केमिकल्स कहाँ से पाये जा सकते हैं, इस लघु उद्योग की शुरुआत करने के लिये किन-किन कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है, कितने स्थान में इस व्यवसाय की नींव रखी जा सकती है, इस लघु उद्योग के माध्यम से किस प्रकार, कितना मुनाफा कमाया जा सकता है आदि सभी बातों को विस्तृत तौर पर जानने के लिये इस लेख की एक-एक पंक्तियों को ध्यान व गम्भीरतापूर्वक पढ़ना आवश्यक है।

साबुन की उपयोगिताः- Importance Of Soap

दोस्तों जिस देश में हम रहते हैं वह देश जनसंख्या वाला देश कहा जाता है अर्थात् हमारे कहने का मतलब यह है कि भारत देश घनी आबादी वाला देश है और यहाँ पर घरेलू वस्तुओं की खपत बड़ी तेजी से होती है आज की तारीख में अमीर हो, गरीब हो, स्वस्थ हो, बीमार हो अथवा नौकरी पेशा से जुड़े हुए लोग जैसे डाक्टर, इन्जीनियर, अध्यापक, अधिवक्ता या इस तरह के और भी लोग हों साबुन सबके लिये उपयोगी भूमिका में उपस्थित रहता है। इसका कारण यह है कि साबुन वह घरेलू संसाधन है जो व्यक्ति की रोजमर्रा की जिन्दगी से ताल्लुक रखता है। प्रत्येक व्यक्ति स्नान करते समय, हाथ धोते समय या हाथों में किसी प्रकार का कचड़ा( मोबिल, डीजल, ग्रीस, आदि) साफ करने के लिये साबुन को इस्तेमाल करना आसान और सुविधाजनक होता है। घर चाहे गरीब का हो या अमीर का शरीर का मैल छुड़ाने के लिये साबुन से बेहतर विकल्प आज तक खोजा नही जा सका है। इसका कारण यह भी हो सकता है कि काफी किफायत में सफाई प्रदान करने वाला यह संसाधन लोगों की जरुरत बन गया है। बहुत ज्यादा दिनों तक खराब न होने के कारण इस व्यवसाय में नुकसान होने की संभावना शून्य के बराबर है।

साबुन बनाने के लिये कच्चा माल एवं आवश्यक मशीनरीः- Soap Making Raw Material & Machinery

साबुन बनाने के लिये कच्चे माल एवं आवश्यक मशीनरी की सूची निम्नवत है-

  • साबुन बनाने के लिये साफ्ट नूडल्स
  • साफ्ट स्टोन पाउडर
  • कलर
  • परफ्यूम
  • मिक्सर मशीन
  • मिलर मशीन
  • प्रोडर मशीन
  • अपेक्षित आकार देने के लिये विभिन्न साईज की डाई

साबुन बनाने की सम्पूर्ण विधि एवं प्रक्रियाः- Toilet Soap Making Process

यदि हम 50 किलो साफ्ट नूडल्स से साबुन बनाने की मात्रा की शुरुआत करते हैं तो इसके लिये सबसे पहले हमारे द्वारा पचास किलोग्राम साफ्ट नूडल्स लेकर उसे मिक्सर मशीन में डाल दिया जाता है और मशीन को आन कर दिया जाता है। जिससे मिश्रण की प्रक्रिया शुरु हो जाय। मिश्रण तैयार होते समय ही कुछ देर बाद इसी मिश्रण में हम 1.5 किलोग्राम साफ्टस्टोन पाउडर मिला देते हैं। इसके बाद इसी मिश्रण के अन्तर्गत साबुन को मनचाहा रंग प्रदान करने के लिये अपेक्षित रंग का इस्तेमाल करते हैं। फिर साबुन में खुशबू प्रदान करने के लिये (आप जैसी खुशबू देना चाहते हैं जैसे- चन्दन, गुलाब, चमेली आदि) 600 ग्राम परफ्यूम का प्रयोग करते हैं। सभी चीजों को डाल देने के बाद मिश्रण की प्रक्रिया को कुछ देर तक चलते रहने देते हैं जिससे साबुन में सभी चीजे भली प्रकार से मिश्रित हो जायें। मिश्रण जब घर मे गुथे आटे की लुद्दी जैसा हो जाय तो उसे मिक्सर मशीन से बाहर निकालकर मिलर मशीन में पाँच से छः बार साबुन की छीलन बनाने की प्रक्रिया करते हैं जिससे साबुन के सभी रा मैटेरियल्स अच्छी तरह मिक्स हो जाँय और साबुन साफ्ट हो सके। इस प्रक्रिया को तीन चार बार दोहराना आवश्यक होता है। बेहतरी के लिये पाँच से छः बार करना आवश्यक होता है। बने हुए छीलन को पुनः मिक्सर मशीन में डालकर छीलन में लगभग आधा लीटर पानी मिलाकर चला देते हैं। और फिर तैयार मिश्रण को बाहर निकालकर साबुन प्रोडर मशीन में लगी हुई डाइयों के सहायता से साबुन के लम्बे-लम्बे लट्ठे निकाल लेते हैं। इन लम्बे-लम्बे लट्ठों को छोटे टुकड़ों में काटकर स्टम्प मशीन की सहायता से साबुन का निर्धारित आकार एवं अपने नाम की ब्रांडिंग चस्पा कर दी जाती है। आपका साबुन बनकर तैयार है।

साबुन के व्यवसाय सम्बन्धी कानूनी प्रक्रिया Registration

कोई भी व्यवसाय शुरु करने से पहले बुद्धिमान व्यक्ति उस व्यवसाय से सम्बन्धित सारी विधिक प्रक्रियाओं को भली-भाँति पूरा कर लेता है जिससे व्यवसाय प्रारम्भ करने पर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
इसके लिये यह आवश्यक है कि उद्योग आधार में अपने व्यवसाय का पंजीकरण करा लें। इसका पंजीयन आनलाईन होता है एवं निःशुल्क होता है। इसके साथ ही साथ वस्तु एवं सेवा कर (जी0 एस0 टी0) में भी पंजीयन करा लें।
अपने व्यवसाय के नाम की पक्की रसीद अवश्य बनवा लें।

साबुन बनाने के लिये कच्चा माल (रा मैटेरियल) की खरीददारी Raw Materials For Soap Making Business

साबुन बनाने हेतु कच्चे माल की खरीददारी आप स्थानीय बाजारों में कर सकते हैं। इसके लिये आपको इस व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों की पहचान करनी होगी, इसके अतिरिक्त गूगल में सर्च करके आनलाईन माध्यम से सस्ते दर पर रा मैटेरियल्स की निर्धारित मात्रा में ( जैसा कि आपको आवश्यकता हो) खरीददारी कर सकते हैं। आनलाईन खरीददारी का एक अतिरिक्त लाभ यह मिलता है कि सभी वस्तुएँ एक बार में ही एक ही स्थान से पायी जा सकती है और इसमें सस्ते मँहगे की झंझट से बचा जा सकता है।

साबुन बनाने के व्यवसाय के लिये स्थान की आवश्यकताः- Area Required For Soap Making Plant

साबुन बनाने के कारोबार को शुरु करने के लिये या तो आपके पास खुद का मकान हो अथवा यदि उसे किसी किराये के भवन में संचालित करना चाहते हों तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि साबुन बनाने की हर मशीनरी एक ही स्थान पर फिट हो सके जिससे वस्तुओं को इधर-उधर बेवजह ले जाने ले आने से बचा जा सके क्योंकि ऐसा न होने से व्यर्थ का समय नष्ट होने की सम्भावना बनी रहती है।

इस व्यवसाय को प्रारम्भ करने के लिये अपने क्षमतानुसार या फिर घरेलू कमरे का उपयोग किया जा सकता है जैसे-जैसे व्यवसाय को आगे बढ़ाना हो उसी अनुपात में कमरे का आकार प्रकार परिवर्तित किया जा सकता है।

स्मार्ट आईडिया : इस प्रकार के लघु एवं कुटीर उद्योग स्थापित करके सर्वप्रथम आप स्वयं को आत्मनिर्भर बना सकते हैं साथ ही साथ अपने देश में बढ़ रही बेरोजगारी को अपने इस छोटे से कदम के द्वारा थामने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसा हम इसलिये कह रहे हैं कि बूँद-बूँद से ही घड़ा भरता है। इस तरह के व्यवसाय के माध्यम से आप अन्य लोगों को भी अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर दे सकते हैं साथ ही साथ उनको यह व्यवसाय करने के लिये प्रेरित भी कर सकते हैं जो मेक इन इण्डिया को सफल बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

 

About the author

Shakti Mishra

Shakti Mishra is a business man by profession, YouTuber by passion and a blogger. He was homeless staying on footpath of Bangalore city. After success in business, he has started working for unemployed people in his country to create more jobs & provide business ideas to people.

14 Comments

Leave a Comment