Top 5 Low Investment Business Ideas In India कम पूंजी में टॉप 5 बिज़नेस

top 5 manufacturing business in low investment hind

Top 5 Business Ideas in Low Investment ( कम पूँजी में टाप 5 बिजनेस)

 

1- फिनायल बनानाः-

 फिनायल बनाने का कारोबार काफी कम लागत में किया जा सकता है तथा इसे बड़ी ही सरलता से बनाया जा सकता है। चूँकि फिनायल एक ऐसा द्रव्य है जो प्रत्येक घर में इस्तेमाल होता ही होता है। चाहे वह स्वच्छता की दृष्टि से, बीमारियों की रोकथाम की दृष्टि से, वातावरण शुद्धि की दृष्टि से या फिर स्वास्थ्य की दृष्टि से, इसका प्रयोग लोंगों के द्वारा किया ही जाता है।

घरों मे फिनायल का सर्वाधिक इस्तेमाल शौचालय में बैक्टीरिया विरोधी के रुप में किया जाता है, इसके अलावा फर्श की धुलाई हो जाने के बाद पानी के साथ हल्का सा फिनायल मिलाकर छिड़काव किया जाता है। इसके अलावाँ घर के स्नानघर में बने हुए नाबदानों के मुँह पर घर की महिलाओं के द्वारा समय-समय पर थोड़ा-थोड़ा फिनायल गिरा दिया जाता है जिससे नालियों से दुर्गन्ध नहीं आती साथ ही साथ नालियाँ भी कीटाणुमुक्त रहती हैं

सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों में सफाई की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखनें में फिनायल महती भूमिका निभाता है इसका कारण यह है कि विद्यालय ऐसे सार्वजनिक स्थान होते हैं जहाँ पर भारी संख्या में लोग शौचालयों एवं मूत्रालयों का प्रयोग करते हैं। सफाई न रहने की दशा में छात्र एवं छात्रा अनेक प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं जिसमें कुछ जानलेवा बीमारियाँ भी सम्मिलित हैं कुल मिलाकर के  यह देखा जा सकता है कि फिनायल एक बहु उपयोगी घरेलू सामान है जो समाज के सामान्य तथा निम्न वर्गीय परिवारों के द्वारा भी आसानी से इस्तेमाल किया जाता है और बाजार मे इसकी मांग कभी कम नही होती।

फिनायल बनाने के लिये आवश्यक वस्तुएँ कौन- कौन सी हैं ?, इसके निर्माण की विधि क्या है, कितनी कम पूँजी में इस व्यवसाय की बुनियाद रखी जा सकती है और इसके निर्माण के तौर-तरीके क्या-क्या हैं, पैकिंग किस प्रकार होती है, फिनायल को बाजार तक किस प्रकार पहुँचाया जाय और इसके साथ ही साथ इससे किस प्रकार और कितना लाभ कमाया जा सकता है इत्यादि सभी जानकारी के बारे में विस्तार से जानने के लिये इस लिंक पर क्लिक करें।

2- पेपर की थाली प्लेट एवं कटोरी ( दोना ) बनानाः-

कागज की बनी हुई थाली एवं कटोरी एक बहुउपयोगी सामाजिक संसाधन है जो पर्यावरण की दृष्टि से भी सुरक्षित एवं माकूल है आजकल बाजार में प्लास्टिक से बनी हुई थाली एवं कटोरियाँ बेंची जाती हैं जिसका भयावह परिणाम समाज, देश और पूरे विश्व के द्वारा सहज ही देखा जा रहा है। प्लास्टिक की बनी हुई थालियों और कटोरियों को आवारा पशु खाकर मृत्यु की चपेट में आ जाते हैं और समाज में प्रदूषण का वाहक बनते हैं। दूसरी बात यह है कि प्लास्टिक की बनी हुई थालियों एवं कटोरियों से नालियाँ भी जाम हो जाती हैं और जल इधर-उधर फैल जाता है जो बीमारियों का साक्षात् न्योता होता है इसका कारण यह है कि प्लास्टिक कभी भी नष्ट नहीं होता और इसके दुष्परिणाम से समाज का कोई भी पक्ष अछूता नही है। यही कारण है कि लोग अब प्लास्टिक की बनी हुई थालियों और कटोरियों के स्थान पर कागज की बनी हुई थालियाँ और कटोरियाँ इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि यह आसानी से नष्ट होने योग्य है तथा बड़ी सरलता से लोंगों के द्वारा प्रयोग में लाया जाता है जहाँ प्लास्टिक की थालियाँ व कटोरियाँ किसी व्यक्ति को भोजन परोसते समय कड़-कड़ भड़-भड़ की बेडौल आवाज से व्यक्ति को असहज कर देती हैं और वह झेंप जाता है। जबकि कागज की बनी हुई थालियों और कटोरियो के साथ ऐसा नही है। कागज की थालियों मे भोजन करना सेहत की दृष्टि से सुरक्षित है जबकि प्लास्टिक की थालियों में भोजन करना काफी नुकसानदायक हो सकता है।

अतः कागज की थाली एवं कटोरियों का प्रयोग बड़ी तेजी से लोगों के द्वारा किया जा रहा है जो स्वास्थ्य पर्यावरण और आर्थिक दृष्टि से उत्तम है।

कागज की थाली एवं कटोरी का बिजनेस करने के लिये आपको किन-किन संसाधनों की आवश्यकत होती है, कितनी कम लागत में यह व्यवसाय शुरु हो पायेगा, किन विधियों का इस्तेमाल करने पर कम से कम पूँजी में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है, इसे बनाने के लिये मशीनें कहाँ से और किस प्रकार मिलेंगी, निर्माण के लिये कच्चा माल कहाँ मिलेगा, बाजार में बिक्री किस प्रकार होगी, कितना मुनाफा होगा, इस व्यवसाय के बारे में विस्तार से जानने के लिये इस लिंक पर क्लिक करें…..

3- कलम बनाने का उद्योग

दोस्तों कलम एक रनिंग आइटम है तथा इसका उपयोग गाँव, शहर, गली, मोहल्ला हर जगह किया जाता है,  इस व्यवसाय में नुकसान होने की सम्भावना नहीं के बराबर होती है. आइये जानते हैं कलम उपयोगिता एवं आवश्यकता के बारे मेः-

कलम जब बोलना शुरु करती है तो बड़े-बड़े बोलने वालों के मुँह बन्द हो जाते हैं जबान को ताला लग जाता है, पैरों तले से जमीन खिसक जाती है, होशोहवास गुम हो जाते हैं, पसीने छूट जाते हैं, कलेजा मुँह को आ जाता है, अरेरेरे………….चौंकिये नहीं, यह किसी फिल्म का डॉयलाग नही, आप अपने पाकेट में पड़ी हुई कलम की ताकत से परिचित हो रहे हैं।

आज समाज का कोई भी वर्ग चाहे नर्सरी में पढनें वाले नौनिहाल हो, कालेज के छात्र हो, विश्वविद्यालय के छात्र हो शोधकर्ता हों, बच्चों के भविष्य को सवाँरने वाले अध्यापक हों, विश्वविद्यालय में लेक्चर झारने वाले प्रोफेसर हो देश की राजनैतिक दिशा को तय करने वाले राजनेता हों, भगवान की तरह जीवन बचाने वाले डाक्टर हों, बड़े-बडें पूलों और इमारतों को खड़ा करने वाले इंजीनियर हों, कानूनी दाँव-पेच में माथा खपाने वाले वकील हों, साँस अन्दर रहेगी या बाहर जायेगी का फैसला करने वाले जज हों यहाँ तक कि भारत के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमन्त्री हों सबके हाथों में यह कलम ही सुशोभित होती है।

दूसरी तरफ जूते की सिलाई करने वाला मोची, शरीर की लाज ढकने वाला दर्जी, परचून की दुकान पर धनिया बेचने वाला बनिया, लकड़ी को मनचाहा आकार देने वाला बढ़ई, फर्जी भाव बनाने वाले सड़कों पर घूमते शोहदे हों, यह सब के सब कलम के प्रयोग से वंचित नहीं हैं।

कलम बनाने के व्यवसाय कैसे शुरु करें इसके लिये किन- किन संसाधनों की आवश्यकता होगी, वह किस प्रकार प्राप्त होंगे आदि के बारे में डिटेल जानने के लिये इस लिंक पर क्लिक करें…

4-अगरबत्ती बनाने का बिजनेस


अगरबत्ती एक ऐसी वस्तु है जो हर घर में, हर धर्म में हर धार्मिक स्थान पर, हर धार्मिक अनुष्ठान में किसी भी प्रकार के पूजा पाठ में या मच्छरों को भगाने में दुर्गन्ध को समाप्त करने में प्रयोग की जाती है अगर बत्ती से उठने वाला धुँवा आसपास के वातावरण को सुगन्धित बना देता है तथा आसपास के लोग आपके प्रति अच्छा व्यवहार करने का प्रयत्न करते हैं।

आदिकाल से धारण रही है कि जब किसी को सर में दर्द होता है तो उस समय दर्द निवारक दवा तत्काल न उपलब्ध हो पाने के वजह से लोग दवा के स्थान पर प्राथमिक उपचार के रुप में चन्दन व नीलगिरी की अगरबत्ती जलाकर उसके धुँवे को सम्बन्धित व्यक्ति के सम्पर्क में लाते है जिससे व्यक्ति को लाभ होता है। और वह व्यक्ति पहले से कुछ ज्यादा बेहतर महसूस स्वास्थ्य महसूस करता है। इस नाते लोग अगरबत्नी को प्राथमिक उपचार का माध्यम मान कर घर मे रिजर्व रखते हैं।

खुद को ऊर्जावान महसूस करने के लिये– अगरबत्ती का इस्तेमाल लोग कभी-कभी अपनी अन्तःऊर्जा में सकारात्मक वृद्धि करने के लिये अच्छी खुशबू वाली अगरबत्ती जलाते हैं और नकारात्मक विचारों को दूर करते हैं।

आजकल लोग उपहार देते समय गुलाब की सुगन्ध वाली अगरबत्ती भी पैक करवा कर उपहार आदान-प्रदान करते हैं। जिससे अगरबत्नी की माँग हर क्षेत्र में बढ गयी हैं,

अगरबत्ती का बिजनेस कैसे प्रारम्भ करें, इसके लिये कच्चा माल कहाँ से मगाँये, इस बिजनेस को करने में कितनी पूँजी लगेगी, इसे करने में कितने आदमी की आवश्यकता पड़ेगी, यह बाजार में कैसे बिकेगा, कितना मुनाफा होगा आदि सम्पूर्ण जानकारी के लिये इस लिंक पर क्लिक करें।

5- रंग बिरंगा मोमबत्ती बनानाः-

रंग बिरंगा मोमबत्ती का नाम सुनते ही दीपावली याद आ जाती है मन में तमाम प्रकार के मोमबत्ती से सजे हुए घर दिखने लगते हैं बाजार में सजी हूई वो दुकाने दिखने लगती हैं मोमबत्ती खरीदने के लिये धक्का मुक्का करते हुए बच्चे, औरतें, पुरुष, नौजवान, बूढ़े भी नजर आने लगते हैं

मोमबत्ती शब्द के अर्थ की बात करें तो इसका अर्थ है मोम और बत्ती। इसकी उत्पत्ति लैटिन भाषा के कैंडला शब्द से हुई है जिसका मतलब होता है प्रकाश। इसे अंग्रेजी में कैंडिल कहते हैं।
इसको बनाने के लिये दो चीजों की मुख्य आवश्यकता होती है 1- मोम, 2- बत्ती।

मोमबत्ती की मांग बाजार में निरन्तर बनी रहती है इसका उपयोग लोग धार्मिक कार्यों और घरों की सजावटों में भी करते हैं। आज कल आधुनिक त्योहार के रुप में लोग बर्थडे पार्टी भी बिना मोमबत्ती के नही मना सकते। इस पार्टी में मोमबत्ती की अहम भूमिका होती है जिसके बारे आप भली भाँति परिचित होंगे। स्कूल, कालेजों में छात्र टीचर डे मनाते समय मोमबत्ती का प्रयोग करने में नही चूकतें हैं। कुल मिलाकर निष्कर्ष यह निकल कर आता है कि मोमबत्ती की खपत बहुत व्यापक पैमाने पर है।

मोमबत्ती का बिजनेस कैसे शुरु होगा
मोमबत्ती का बिजनेस कैसे शुरु होगा, इस बिजनेस को करने के लिये कितने बड़े कमरे की जरुरत पड़ेगी, कितने वर्कर की आवश्यकता होगी, कच्चा माल कहाँ मिलेगा, पैकिंग कैसे होगी, कौन-कौन से कानूनी कागज बनवाने होंगे, कितनी पूँजी लगेगी, बिजनेस कैसे तेजी से बाजार में चलेगा, कितना फायदा होगा, आदि सम्पूर्ण जानकारी के लिये इस लिंक पर क्लिक करें

22 thoughts on “Top 5 Low Investment Business Ideas In India कम पूंजी में टॉप 5 बिज़नेस”

      1. Sir, as per Your Videos, I have got the complete Ideas of Textile Business, but we are unable to find importers/buyers please help me as you have a good ideas in all the business fields, to get the buyers. where we can get the importers.

        Regards
        Rajeev
        +918247406507

  1. Can you show the dept of detail related to any of this business .
    For example if I to start clothes business then how can I choose the area what amount I have to invest in the starting how can I plan and manage the other thing .
    I guess may be people know that in the factory or at the segment area we can buy products at very low price but to start a business this are also more important I guess kindly guid waiting for your reply

  2. Respected Shakti ji…
    Life changing initiative taken by you really unbelievable people of needy india getting lot of material to strengthen their wealth by your practical vedios.no doubt you are deserving for hat,s off.keep it continue.thanx a lot.

  3. Sir, as per Your Videos, I have got the complete Ideas of Textile Business, but we are unable to find importers/buyers please help me as you have a good ideas in all the business fields, to get the buyers. where we can get the importers.

    Regards
    Rajeev
    +918247406507

  4. Sir u r so good and awesome man .aap ki mahenat bhot acchi hai sir .aur ha sir Mai bhi paper plate ka business shuru Kar Na chahta hu lekin mere pas sirf 40000 hazard rup hai Kya ye is me bhi shuru ho sakta hai?

  5. Hi sir mere KO cloth business korna Hai in Bangalore kedor. Se purchase korne se accha reheiga AAP seebaat korna Tha please call me 9845369055 I am from Assam I’m staying in Bangalore?

  6. सर अापकी सारी विडीयो बहुत अच्छी है
    मगर मै ई वेस्ट के बारे मे जानना चाहता हु
    कुछ बताइये इस के बारे मे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *