वेलवेट पेंसिल बनाने का उद्योग Velvet pencil making business

वेलवेट पेंसिल बनाने का उद्योग Velvet pencil making business

मित्रों, आज हम इस लेख के माध्यम से एक ऐसे लघु उद्योग की जानकारी देने जा रहें हैं जो कहीं भी किसी भी छोटी से छोटी जगह पर बहुत नाम मात्र की पूँजी में बड़ी आसानी से शुरु की जा सकती है और उस ब्यवसाय का नाम है – वेलवेट पेंसिल बनाने का व्यवसाय। इस लेख के माध्यम से हम आपको बतायेंगे कि वेलवेट पेंसिल बनाने के लिये किन किन वस्तुओं की आवश्यकता पड़ती है, इसके लिये कच्चा माल कहाँ से और किस तरीके से प्राप्त किया जा सकता है,  कितनी न्यूनतम पूँजी में इस कारोबार को शुरु किया जा सकता है, कौन-कौन  सी कानूनी दस्तावेजों को बनवाना पड़ता है, वेलवेट पेंसिल को निर्मित करने के लिये विधि एवं तरीका क्या है, बने हुए पेसिलों को मार्केट में किस प्रकार उतारा जा सकता है और इस व्यवसाय के माध्यम से कितना मुनाफा कितने समय में कमाया जा सकता है आदि सभी बातों को जानने के लिये आप से अनुरोध है कि पूरे लेख को ध्यान एवं गम्भीरतापूर्वक पढ़कर उसके अनुसार कार्य करना शुरु करें जिससे आप अपने पैरों पर खड़े हो सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।

दोस्तों, वेलवेट पेंसिल एक रनिंग आइटम है तथा इसका उपयोग गाँव, शहर, गली, मुहल्ला हर जगह किया जाता है,  इस व्यवसाय में नुकसान होने की सम्भावना नहीं के बराबर होती है. आइये जानते हैं वेलवेट पेंसिल की उपयोगिता एवं आवश्यकता के बारे मेः-

वेलवेट पेंसिल की उपयोगिता एवं आवश्यकताः-

दोस्तों, जब किसी बच्चे की शिक्षा की नीव रखी जाती है तो उसके हाथ में सबसे पहले एक पेंसिल और एक कापी पकड़ा दी जाती है। वह समय बीत गया जब बच्चों को क, ख , ग, सिखाने के लिये पटरी और खड़िया दी जाती थी।
शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ आये दिन नित नये परिवर्तन देखने को मिलते रहते हैं। जब से शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक का प्रयोग किया जाने लगा है शिक्षा एक नयी दिशा की ओर बढ़ चली है। वेलवेट पेंसिल शिक्षा में इसी तकनीक का परिणाम है। आजकल बच्चों के द्वारा पेंसिल के परम्परागत स्वरुप को न अपनाकर नये डिजाइन, नये तरीके के पेंसिलों की मांग की जाती है। वेलवेट पेंसिल बच्चों की इसी माँग पर काफी कारगर साबित होता है। कारण यह है कि इसके निर्माण का तरीका पुराना न होकर अत्याधुनिक है और पुराने तरह की पेंसिलों से ज्यादा बेहतर परिणाम देती है। हम अक्सर यह देखते हैं कि बढ़ई अपने कानों पर एक पेंसिल सदैव रखता है। उस कान वाली पेंसिल की जगह आज इस वेलवेट पेंसिल ने ले लिया है।
वर्तमान समय में पेंसिल की उपयोगिता चित्रकला, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, गणित, भूगोल आदि विषयों में बड़ी आसानी से देखी जा सकती है। कुल मिलाकर देखा जाय तो हम यह पायेंगे कि पेंसिल आज भी शिक्षा का एक ऐसा अनिवार्य अंग है जिसकी उपादेयता से किसी भी दशा में इनकार नही किया जा सकता है।

वेलवेट पेंसिल एक ऐसा  उपकरण है जिसका प्रयोग दुनिया के हर कोने में किया जाता है, चाहे गांव हो या शहर इसका उपयोग हर जगह होता है. वेलवेट पेंसिल रोज उपयोग में लायी जाने वाली वस्तु है इसीलिए इसकी मांग बाजार में हमेशा बरक़रार रहती है। पेंसिल मैन्युफैक्चरिंग एक ऐसा व्यवसाय है जो आप घर बैठे भी कर सकते हैं। साथ ही साथ महिलाएं भी इस व्यवसाय को आसानी से कर सकती हैं। आज के इस पोस्ट में मैं आपको वेलवेट पेंसिल बनाने के उद्योग शुरु करने के सम्बन्ध में आरम्भ से अन्त तक की जानकारी दूंगा। शुरुआत करने से पहले मैं आपको बता दूँ कि मैंने खुद पहले वेलवेट पेंसिल को बनाया है,  इसकी मशीनों और उपकरणों को देखा है और स्वयं चलाकर वेलवेट पेंसिल बनाने के बाद ही यह पोस्ट कर रहा हूँ।

कलरफुल वेलवेट पेंसिल बनाने के लिए रॉ मैटेरियल (कच्चा माल)
कलरफुल वेलवेट पेंसिल तैयार करने में हमें निम्नलिखित सामग्रियों की जरुरत होती है जो क्रमवार है-
1- वालवेट पेंसिल मशीन            2- गोंद
3- वालवेट पाउडर                 4- रा पेंसिल
5- पेंसिल टिकाने के लिये साँचा      6- गोद लगाने के लिये ब्रश
7- विभिन्न प्रकार के कलर

इस बिजनेस की शुरुआत एक छोटे से कमरे से भी कर सकते हैं जैसे-जैसे आप इस बिजनेस को बढ़ाते जाँय वैसे-वैसे कमरे का आकार प्रकार बदलते जाँय। एक दिन ऐसा भी आयेगा कि आपके परिश्रम व धैर्य से वह छोटा सा कमरा बहुत बड़ी कम्पनी के आकार में तब्दील हो जायेगा।

वेलवेट पेंसिल निर्माण करने की विधिः

वेलवेट पेंसिल बनाने की विधि के सम्बन्ध में यदि हम बात करें तो सबसे पहले रा पेंसिल को साँचे में टिका देते हैं यह बताते चलें कि आप एक बार में चार पेंसिलों का निर्माण एक साथ कर सकते हैं साँचे में इसके लिये जगह बनी होती है और फिर रा पेंसिल के ऊपर ब्रश की सहायता से गोद की एक चौतरफा परत लगा लेते हैं इसके बाद साँचे में लगे चुम्बकीय पदार्थ की सहायता से वालवेट पेसिल मशीन के अन्दर दीवार पर चिपका देते हैं ताकि वालवेट मशीन के अन्दर जो वालवेट पाउडर है आसानी से लगी हुई गोंद पर चिपक जाय। इस पाउडर को रंग बिरंगा अथवा मनचाहा रंग देने के लिये आप इसमें अपनी इच्छानुसार कलर का प्रयोग कर सकते हैं। अब मशीन को मशीन में लगे हुए बटन के द्वारा आन कर देते हैं यह मशीन मात्र 30 सेकेण्ड में आपके पेंसिलों का निर्माण कर देगी। 30 सेकेण्ड पश्चात यह मशीन अपने आप बन्द हो जायेगी जिसका मतलब यह है कि अब आपकी वेलवेट पेंसिल बनकर लिखने के लिये तैयार है।

रा मैटेरियल कहाँ से खरीदें

वेलवेट पेंसिल बनाने के लिये जितने संसाधन है वह स्थानीय बाजारों मे भी उपलब्ध हैं या आप इसकी खरीददारी गूगल में सर्च करके आनलाईन कर सकते हैं पेंसिल पर अपनी कम्पनी या अपने व्यवसाय की ब्रांडिंग करना चाहे तो इसकी पूर्व सूचना पेंसिल व्यवसायी को देकर पेंसिल पर अपनी ब्रांडिंग करा सकते हैं।

निर्मित वेलवेट पेंसिल की बिक्री एवं विज्ञापन हेतु आप अपने स्थानीय स्कूल, कालेजों, कार्योलयों में जा सकते हैं और सफलता पूर्वक इसके गुणवत्ता के बारे में बताकर अच्छी खासी विक्री कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त बाजारों में सम्बन्धित प्रतिष्ठानों पर सम्पर्क करके अपनी वेलवेट पेंसिल की उपयोगिता से परिचित कराकर अच्छी कमाई कर सकते हैं।

वेलवेट पेंसिल बनाने के व्यवसाय सम्बन्धित कानूनी दस्तावेजः-

सबसे पहले आप अपने व्यवसाय का उद्योग आधार डाट काम पर निःशुल्क पंजीकरण करा लें या स्वयं कर लें। साथ ही साथ जी0 एस0 टी0 में भी अपना पंजीकरण सुनिश्चित करा लें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्य़ा या असुविधा से बचा जा सके।

स्मार्ट आइडियाः- उद्यम और परिश्रम ही सुखी जीवन का आधार होता है। अतः हम केवल भाग्य के भरोसे न रहकर अपनी भुजाओं पर भी भरोसा करें क्योंकि यह भी कहा गया है कि ईश्वर उन्हीं की मदद करता है जो अपनी मदद खुद करते हैं। हाथ पर हाथ धरे लोगों की जय-जयकार नहीं होती और कोशिश करने वाले की हार नही होती इस सिद्धान्त को जीवन में अपनाते हुए आगे बढ़ने का संकल्प लें फिर कोई कारण नही जो आपको किसी भी क्षेत्र में सफलता मिलने से रोक ले।

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